थर्मल पावर प्लांट ओवरहालिंग के लिए सुरक्षित संचालन प्रक्रिया (SOP) पर ब्रीफिंग

यह दस्तावेज़ एक थर्मल पावर प्लांट में मेजर ओवरहालिंग शटडाउन के लिए सुरक्षित संचालन प्रक्रिया (SOP) के प्रमुख घटकों का सार प्रस्तुत करता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना-मुक्त कार्य स्थल सुनिश्चित करना है, जहाँ संयंत्र की मशीनरी को ताज़ा किया जाता है ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से काम कर सकें। सफलता की कुंजी एक बहु-चरणीय दृष्टिकोण में निहित है जो सावधानीपूर्वक योजना, कठोर तैयारी, निष्पादन के दौरान कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और एक मजबूत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली पर जोर देता है।

मुख्य निष्कर्षों में सभी विभागों को शामिल करते हुए एक व्यापक योजना और जोखिम मूल्यांकन की महत्वपूर्ण आवश्यकता शामिल है। वर्क परमिट सिस्टम, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का अनिवार्य उपयोग, और जॉब सेफ्टी एनालिसिस (JSA) जैसी तैयारी गतिविधियाँ गैर-परक्राम्य हैं। निष्पादन के दौरान, लॉक आउट-टैग आउट (LOTO), सीमित स्थान में प्रवेश के लिए परमिट, और सुरक्षित लिफ्टिंग प्रथाओं जैसे प्रोटोकॉल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सर्वोपरि हैं। अंत में, एक प्रभावी आपातकालीन प्रबंधन योजना और शटडाउन के बाद की पूरी तरह से निरीक्षण और रिपोर्टिंग प्रक्रिया निरंतर सुधार और सुरक्षा सुनिश्चित करती है। संक्षेप में, सुरक्षा को एक समझौता न करने योग्य प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।
मुख्य विषय-वस्तु का विस्तृत विश्लेषण
1. मेजर ओवरहालिंग शटडाउन की आवश्यकता
थर्मल पावर प्लांट की तुलना एक बड़े प्रेशर कुकर से की गई है; जिस तरह प्रेशर कुकर को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से काम करने के लिए नियमित सफाई और रखरखाव की आवश्यकता होती है, उसी तरह एक पावर प्लांट को भी अपने सिस्टम को "रिफ्रेश" करने के लिए मेजर ओवरहालिंग की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है कि मशीनें अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करें। इस महत्वपूर्ण कार्य की उपेक्षा करने से न केवल संयंत्र को भारी नुकसान हो सकता है ("प्लांट का कबाड़"), बल्कि कर्मियों के लिए गंभीर चोटों ("हाथ पैर भी टूट सकते हैं") का खतरा भी होता है। इसलिए, यह प्रक्रिया जितनी आवश्यक है, उतनी ही सुरक्षित भी होनी चाहिए।
2. चरण-दर-चरण सुरक्षित संचालन प्रक्रिया
एक सफल और सुरक्षित ओवरहालिंग शटडाउन को कई अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है, प्रत्येक की अपनी विशिष्ट आवश्यकताएं और प्रोटोकॉल हैं।
2.1. शटडाउन की योजना
यह प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है, जिसकी तुलना बिना योजना के एक रोड ट्रिप से की जाती है जो गलत रास्तों और ईंधन की कमी की ओर ले जाती है।
अंतर्विभागीय समन्वय: योजना में सभी संबंधित विभागों को एक साथ लाना शामिल है, जिनमें बॉयलर मेंटेनेंस, टरबाइन मेंटेनेंस, इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, सी एंड आई, और फायर विभाग शामिल हैं।
प्रमुख योजना गतिविधियाँ: यह सहयोगी समूह मिलकर शटडाउन का समय, आवश्यक दस्तावेज़ और अनुमतियाँ तय करता है।
जोखिम मूल्यांकन: योजना का सबसे महत्वपूर्ण तत्व एक संपूर्ण जोखिम मूल्यांकन (संभावित खतरों का विश्लेषण) करना है।
◦ प्रत्येक विभाग को अपने शटडाउन कार्यों की एक सूची तैयार करनी चाहिए।
◦ प्रत्येक कार्य से जुड़े संभावित खतरों और दुर्घटना की संभावनाओं की पहचान की जानी चाहिए।
◦ उन खतरों के प्रभाव को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की एक सूची पहले से तैयार की जानी चाहिए।
2.2. शटडाउन की तैयारी
तैयारी के बिना एक शटडाउन "बिन बुलाए मेहमान" जैसा हो सकता है। यह चरण सुरक्षित निष्पादन के लिए आधार तैयार करता है।
वर्क परमिट सिस्टम: यह सुनिश्चित करता है कि केवल अधिकृत कर्मियों को ही कार्य करने की अनुमति है। इसे "बिना टिकट वाली ट्रेन नहीं" के रूप में वर्णित किया गया है।
व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई): हेलमेट, गॉगल्स और दस्ताने जैसे पीपीई का उपयोग अनिवार्य है। सिद्धांत है: "सुरक्षा में कोई समझौता नहीं"।
जॉब सेफ्टी एनालिसिस (JSA): वर्क परमिट जारी करने के लिए एक नियम स्थापित किया जाना चाहिए कि कार्य के लिए JSA दस्तावेज़ पहले प्रस्तुत किया जाए, जिसमें कार्य के साथ आवश्यक सुरक्षा साधनों का स्पष्ट उल्लेख हो।
अग्नि सुरक्षा: ओवरहालिंग के दौरान आग के अप्रत्याशित खतरे के कारण, जिसे "बिन बुलाए बारात" कहा गया है, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
2.3. कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल
यह चरण विशिष्ट सुरक्षा प्रक्रियाओं के कार्यान्वयन पर केंद्रित है।
प्रोटोकॉल
विवरण
लॉक आउट-टैग आउट (LOTO)
इसे "सबसे प्यारा दोस्त" कहा जाता है। इसका मतलब है मशीन को इस तरह से बंद करना कि कोई भी इसे गलती से चालू न कर सके।
सीमित स्थान में प्रवेश
किसी सीमित स्थान में प्रवेश करने से पहले, ऑक्सीजन स्तर और खतरनाक गैसों की उपस्थिति की जाँच करना अनिवार्य है। बिना परमिट के प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
लिफ्टिंग और रिगिंग
केवल कुशल क्रेन ऑपरेटरों को ही क्रेन चलानी चाहिए और अच्छे लिफ्टिंग गियर्स का उपयोग किया जाना चाहिए। भ्रम और दुर्घटनाओं से बचने के लिए केवल एक ही सिग्नल मैन को ऑपरेटर को संकेत देना चाहिए।
सुरक्षा पर्यवेक्षण
प्रत्येक विभाग का अपना सेफ्टी ऑफिसर या सुपरवाइजर होना चाहिए जो कार्यों की निगरानी करे। ठेका कंपनियों के सेफ्टी कोऑर्डिनेटर को भी अपने कर्मियों की देखरेख करनी चाहिए, उन्हें असुरक्षित तरीके से काम करने (जैसे बिना पीपीई के) से रोकना चाहिए और खतरनाक परिस्थितियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए पहल करनी चाहिए।
2.4. आपातकालीन प्रबंधन
योजना और सावधानियों के बावजूद, अप्रत्याशित घटनाओं के लिए तैयार रहना महत्वपूर्ण है।
आपातकालीन टीम: एक समर्पित आपातकालीन टीम हर समय तैयार रहनी चाहिए।
मॉक ड्रिल: वास्तविक आपातकाल के दौरान भ्रम से बचने के लिए नियमित रूप से मॉक ड्रिल ("छोटा सा प्रैक्टिस सीन") आयोजित किए जाने चाहिए।
आपातकालीन तैयारी:
◦ आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुले और स्पष्ट होने चाहिए।
◦ प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) की व्यवस्था होनी चाहिए।
◦ किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए एक एम्बुलेंस तैयार रहनी चाहिए।
◦ ऑक्यूपेशनल हेल्थ सेंटर में एक डॉक्टर उपलब्ध होना चाहिए।
2.5. शटडाउन के बाद की प्रक्रियाएं
कार्य पूरा होने के बाद, प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से समाप्त करना महत्वपूर्ण है।
अंतिम निरीक्षण: इस कदम को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। किसी भी गड़बड़ी का पता लगाने के लिए हर उपकरण का अच्छी तरह से निरीक्षण करें।
बॉक्स-अप क्लीयरेंस: जिन उपकरणों में व्यक्तियों ने काम किया है, उन्हें बंद करने (बॉक्स अप) से पहले, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि कोई भी व्यक्ति अंदर नहीं है (चाहे वह काम कर रहा हो, थक कर सो रहा हो, या किसी अन्य कारण से)।
रिपोर्टिंग और फीडबैक: भविष्य में चीजों को और भी बेहतर बनाने के लिए दैनिक रिपोर्ट और फीडबैक नोट्स तैयार करना आवश्यक है।
मुख्य निष्कर्ष
थर्मल पावर प्लांट का मेजर ओवरहालिंग शटडाउन एक उच्च जोखिम वाली गतिविधि है जिसके लिए एक संरचित, अनुशासित और सुरक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। स्रोत संदर्भ इस बात पर जोर देता है कि सुरक्षा और योजना अंतहीन प्रक्रियाएं हैं। एक सफल और दुर्घटना-मुक्त ओवरहालिंग सुनिश्चित करने के लिए योजना, तैयारी, निष्पादन और समापन के हर चरण में वर्णित प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।

Narendra Arya
Chief Safety Officer of a PSU