IS 2925 Industrial Safety Helmet

Thu Dec 18, 2025


IS 2925:1984 मानक के 'शब्दावली' (Terminology) यानी खंड 2 के व्यापक संदर्भ में, Brim (किनारा) को हेलमेट की बाहरी संरचना के एक मूलभूत घटक के रूप में परिभाषित किया गया है। यहाँ 'शेल' (Shell) हेलमेट का कठोर बाहरी आवरण है, और 'ब्रिम' उसका विस्तार है।
सोर्स के अनुसार, ब्रिम के बारे में मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. परिभाषा (खंड 2.1) तकनीकी शब्दावली के अनुसार, Brim (ब्रिम) वह 'रिम' (rim) या किनारा है जो हेलमेट के 'शेल' (shell) यानी खोल के चारों ओर बना होता है। यह हेलमेट के निचले हिस्से का वह घेरा है जो मुख्य गुंबद (dome) से बाहर की ओर निकला होता है।
2. शेल और पीक के साथ संबंध शब्दावली के संदर्भ में ब्रिम को समझने के लिए इसे 'पीक' (Peak - खंड 2.4) से अलग समझना आवश्यक है:
Peak (पीक): यह शेल का वह विस्तार है जो केवल आँखों के ऊपर होता है (जैसे कि एक कैप का अगला हिस्सा)
Brim (ब्रिम): यह शेल के चारों ओर (surrounding the shell) होता है
3. निर्माण के संदर्भ में महत्व (खंड 5.1) हालाँकि परिभाषा खंड 2 में है, लेकिन इसका पूर्ण अर्थ 'निर्माण' (Construction) खंड में स्पष्ट होता है:
एकीकृत संरचना: ब्रिम को शेल का एक अभिन्न अंग (integral part) होना चाहिए। इसे अलग से जोड़ा नहीं जाना चाहिए, बल्कि यह शेल की मोल्डिंग का ही हिस्सा होना चाहिए
सुरक्षा: ब्रिम (और पीक) में कोई भी तीखे किनारे (sharp edges) नहीं होने चाहिए, ताकि पहनने वाले को चोट न लगे
निरंतरता: ब्रिम को गुंबद (dome) के चारों ओर निरंतर (continuous) होना चाहिए
आकार: ब्रिम के आयाम (dimensions) मानक में दी गई आकृति 1 (Fig. 1) के अनुसार होने चाहिए
संक्षेप में: शब्दावली (Terminology) खंड यह स्थापित करता है कि हेलमेट केवल सिर को ढकने वाला एक कटोरा नहीं है, बल्कि उसमें 'ब्रिम' जैसा एक सुरक्षात्मक घेरा भी शामिल है जो शेल की परिधि को परिभाषित करता है।
उदाहरण के लिए: इसे आप एक मकान की छत के 'छज्जे' (eaves) की तरह समझ सकते हैं। जिस प्रकार छज्जा दीवार से थोड़ा बाहर निकलकर यह सुनिश्चित करता है कि बारिश का पानी सीधे दीवारों पर न गिरे, उसी प्रकार हेलमेट का 'ब्रिम' यह सुनिश्चित करता है कि ऊपर से गिरने वाली वस्तुएँ या तरल पदार्थ सीधे गर्दन या चेहरे पर लुढ़कने के बजाय, कंधों से दूर गिरें।
मैं सोर्स मटीरियल के हिसाब से फ्लैशकार्ड की समीक्षा कर रहा/रही हूं और इनमें से एक के बारे में और जानना चाहता/चाहती हूं. फ़्लैशकार्ड के सामने के हिस्से में यह लिखा है: "हेलमेट के हार्नेस (जैसे हेडबैंड, संघट्टन-रोधी फीता) की सामग्री के लिए चयन के मानदंड क्या हैं?" फ़्लैशकार्ड के पीछे के हिस्से में यह लिखा है: "सामग्री पसीना प्रतिरोधी, गैर-खुजलीकारी होनी चाहिए और उससे कोई त्वचा रोग नहीं होना चाहिए।" इस विषय के बारे में और जानकारी दें.
आपके फ़्लैशकार्ड पर दी गई जानकारी बिल्कुल सही है और यह IS 2925:1984 मानक के खंड 3.2 पर आधारित है।
चूँकि आप इस विषय के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं, यहाँ 'हार्नेस' (Harness) की सामग्री और उसकी बनावट से जुड़े विस्तृत विवरण दिए गए हैं, जो यह समझने में मदद करेंगे कि यह नियम क्यों महत्वपूर्ण हैं:
1. सामग्री के चयन के 3 मुख्य मानदंड (Material Criteria) सोर्स के खंड 3.2 के अनुसार, हार्नेस के हिस्सों (जैसे हेडबैंड और संघट्टन-रोधी फीता) के लिए सामग्री चुनते समय तीन शर्तें पूरी होनी चाहिए:
पसीना प्रतिरोधी (Sweat-Resistant): सामग्री ऐसी होनी चाहिए जो पसीने को सोखकर खराब न हो या भारी न हो जाए,,
गैर-खुजलीकारी (Non-Irritant): चूंकि यह हिस्सा सीधे त्वचा के संपर्क में रहता है, इसलिए इससे पहनने वाले को खुजली या जलन नहीं होनी चाहिए,,
स्वास्थ्य सुरक्षा (No Skin Disease): सामग्री ऐसी होनी चाहिए जिससे किसी भी प्रकार का त्वचा रोग (skin disease) उत्पन्न न हो,,
2. यह नियम किन हिस्सों पर लागू होता है? यह समझने के लिए कि यह सामग्री कहाँ उपयोग होती है, हमें 'हार्नेस' (Harness) की परिभाषा देखनी चाहिए (खंड 2.3):
हार्नेस (Harness): यह वह पूरा ढांचा है जो हेलमेट को सिर पर सही स्थिति में बनाए रखता है,। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
हेडबैंड (Headband): यह हार्नेस का वह हिस्सा है जो सिर के चारों ओर (माथे के पास) लपेटा जाता है,
संघट्टन-रोधी फीता (Anti-concussion Tapes): ये वे फीते हैं जो 'क्रैडल' (cradle) बनाते हैं और हेलमेट के कठोर शेल और सिर के बीच एक सस्पेंशन (झूला) का काम करते हैं ताकि चोट का असर सिर पर सीधा न पड़े,
3. निर्माण से जुड़े अन्य तथ्य जो सामग्री को प्रभावित करते हैं सामग्री के "पसीना प्रतिरोधी" होने की आवश्यकता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हेलमेट की बनावट में हवा के प्रवाह का ध्यान रखा गया है:
स्पेसर्स का उपयोग: खंड 5.2.1.1 के अनुसार, हेडबैंड और हेलमेट के शेल के बीच कम से कम 5 मिमी की दूरी (gap) होनी चाहिए। यह दूरी 'स्पेसर्स' (spacers) द्वारा बनाई जाती है ताकि वहां से हवा गुजर सके और पसीना कम आए,,
चौड़ाई: हेडबैंड की चौड़ाई कम से कम 30 मिमी होनी चाहिए,। इतनी चौड़ी पट्टी लगातार माथे के संपर्क में रहती है, इसलिए इसका 'गैर-खुजलीकारी' होना अनिवार्य है।
संक्षेप में: चूँकि औद्योगिक हेलमेट का उपयोग श्रमिक कई घंटों तक लगातार करते हैं, इसलिए मानक यह सुनिश्चित करता है कि सुरक्षा (शेल की मजबूती) के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य (Hygiene and Health) का भी ध्यान रखा जाए। यदि सामग्री खराब होगी, तो पसीने और घर्षण से त्वचा में संक्रमण हो सकता है।

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