IS 2925:1984 मानक के 'शब्दावली' (Terminology) यानी खंड 2 के व्यापक संदर्भ में, Brim (किनारा) को हेलमेट की बाहरी संरचना के एक मूलभूत घटक के रूप में परिभाषित किया गया है। यहाँ 'शेल' (Shell) हेलमेट का कठोर बाहरी आवरण है, और 'ब्रिम' उसका विस्तार है।
सोर्स के अनुसार, ब्रिम के बारे में मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. परिभाषा (खंड 2.1) तकनीकी शब्दावली के अनुसार, Brim (ब्रिम) वह 'रिम' (rim) या किनारा है जो हेलमेट के 'शेल' (shell) यानी खोल के चारों ओर बना होता है। यह हेलमेट के निचले हिस्से का वह घेरा है जो मुख्य गुंबद (dome) से बाहर की ओर निकला होता है।
2. शेल और पीक के साथ संबंध शब्दावली के संदर्भ में ब्रिम को समझने के लिए इसे 'पीक' (Peak - खंड 2.4) से अलग समझना आवश्यक है:
• Peak (पीक): यह शेल का वह विस्तार है जो केवल आँखों के ऊपर होता है (जैसे कि एक कैप का अगला हिस्सा)।
• Brim (ब्रिम): यह शेल के चारों ओर (surrounding the shell) होता है।
3. निर्माण के संदर्भ में महत्व (खंड 5.1) हालाँकि परिभाषा खंड 2 में है, लेकिन इसका पूर्ण अर्थ 'निर्माण' (Construction) खंड में स्पष्ट होता है:
• एकीकृत संरचना: ब्रिम को शेल का एक अभिन्न अंग (integral part) होना चाहिए। इसे अलग से जोड़ा नहीं जाना चाहिए, बल्कि यह शेल की मोल्डिंग का ही हिस्सा होना चाहिए।
• सुरक्षा: ब्रिम (और पीक) में कोई भी तीखे किनारे (sharp edges) नहीं होने चाहिए, ताकि पहनने वाले को चोट न लगे।
• निरंतरता: ब्रिम को गुंबद (dome) के चारों ओर निरंतर (continuous) होना चाहिए।
• आकार: ब्रिम के आयाम (dimensions) मानक में दी गई आकृति 1 (Fig. 1) के अनुसार होने चाहिए।
संक्षेप में: शब्दावली (Terminology) खंड यह स्थापित करता है कि हेलमेट केवल सिर को ढकने वाला एक कटोरा नहीं है, बल्कि उसमें 'ब्रिम' जैसा एक सुरक्षात्मक घेरा भी शामिल है जो शेल की परिधि को परिभाषित करता है।
उदाहरण के लिए: इसे आप एक मकान की छत के 'छज्जे' (eaves) की तरह समझ सकते हैं। जिस प्रकार छज्जा दीवार से थोड़ा बाहर निकलकर यह सुनिश्चित करता है कि बारिश का पानी सीधे दीवारों पर न गिरे, उसी प्रकार हेलमेट का 'ब्रिम' यह सुनिश्चित करता है कि ऊपर से गिरने वाली वस्तुएँ या तरल पदार्थ सीधे गर्दन या चेहरे पर लुढ़कने के बजाय, कंधों से दूर गिरें।

